ताल की गूँज

ताल  की गूँज में कुछ तो बात है
कहता वो हज़ार लव्ज़ गिनती की थपकियों में
यूँ ही गिनती में अनगीनत कहानियाँ बस रही थी
हर कहानी एक नया एहसास बयान कर रही  
कानो को सुकून दिल को अपनी रूह दे रही  वो ताल
ज़िन्दगी का गीत भी ताल पे ही मधुर लगेगा
बेहिसाब एहसासों  को ब्यान करने का तभी  सुर लगेगा
कोशिश करें क्योंकि काल अभी दूर है
खुद ही समझ जाओगे की ताल की गूँज में कुछ तो बात है


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