Posts

Showing posts with the label optimism

ज़िन्दगी से मिला हूँ आज अपनी

मिला हूँ आज अपनी ज़िन्दगी से संग हज़ार बातें मिल गई। चाँद सज गया रात सज गई, पर न जाने रात की अंगड़ाई कब टूट गई ज़िन्दगी न जाने कब हमसे रूठ गई। और सारे चमकीले पल तारो से सुबह के आस्मां में - सफ़ेद सागर में  डूब गए पर ज़िन्दगी को जानना अभी बाकी है हज़ारों बातें अभी बाकी है बातों बातों में बताया इस ज़िन्दगी ने - रूठी नहीं हूँ बस थोड़ी सी जुदा हूँ तुमसे तारो को डूबा दिया कह रहे सूरज को जगा  दिया न देख रहे तब लगा ज़िन्दगी को  जानना अभी बाकी है हज़ारों  बातें  अभी बाकी है !!!