ANJANA ANJANI

राहों पे निकला था अकेला, न थी उम्मीद कोई ,
मिल गयी अनजानी सी साथी , साथ आई खुशियाँ  नई || 
अनजाने राहों पे राही   अनजाने
चलते रहे हम दोनों बस यूँही........

अंजना अनजानी है  हम
दिलों से दूर करें ले  सारे  गम.....
अंजना अनजानी है हम......
कुछ एसे  जिये ये पल ओ हमदम!!!!!

क्यूँ  याद करें हम अब दुनिया को.....
अंजना मैं सही अनजानी तू सही....
मिले जब हम यूँ है.......
तो फिर गम क्यूँ है ,चल संग
बिखाराते है अजनबी से रंग..........

अंजना अनजानी है  हम
दिलों से दूर करें ले  सारे  गम.....
अंजना अनजानी है हम......
कुछ एसे  जिये ये पल ओ हमदम!!!!!

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